नगर तेलगी की कहानी भाग – एक,,, कैसे स्टाम्प वेंडर से भूमाफिया बना नगर तेलगी,,, करोड़ो की सरकारी जमीनों को अपने नाम करवाया,,, पाठकों तक पहुंचाते रहेंगे,,,

सक्ती। नगर में इनदिनों नगर के तेलगी की चर्चा बहुत हो रही है। तेलगी तो सिर्फ स्टाम्प घोटाला करता था, नगर का तेलगी तो स्टाम्प कम लेकिन जमीन घोटाले में काफी पारंगत है।
क्षेत्र में करोड़ो की सरकारी जमीन की अफरा तफरी कर नगर में इनदिनों तेलगी से भी एक कदम आगे बढ़ कर नगर तेलगी के नाम से प्रचलित भूमाफिया काफी चर्चित है। सरकारें बदली लेकिन नगर तेलगी की आदत नहीं बदली, समझ से परे यह है कि जमीनों की बड़ी तादाद में अफरा तफरी के बाद भी नगर तेलगी पर कार्यवाही के नाम पर आज तक कुछ नहीं हुआ, नगर तेलगी बड़ी ही चतुराई से मनिभाई (रुपए) के दम पर जमीनों की कालाबाजारी करता है। ऐसा नहीं है कि नगर तेलगी की हरकतों की जानकारी उच्चाधिकारियों को नहीं है लेकिन मनिभाई ने सब का मुह बंद करा रखा है। नगर में एक अधिकारी जनाब ऐसे भी आए जो नगर तेलगी की नाक में नकेल डाले थे, लेकिन अधिकारी एक स्थान पर ज्यादा नहीं रह सकते हैं इसलिए समयानुसार उनका स्थानांतरण हो गया, फिर नगर तेलगी ने पांव पसारे और आदिवासियों की जमीन को भी हड़प गया, चूंकि राजस्व की जानकारी और राजस्व के नीचे के कर्मचारियों से उक्त नगर तेलगी की काफी नजदीकियां रही जिसके कारण नगर तेलगी ने सरकारी दस्तावेजों तक को गायब करा दिया, यही कारण है कि अब नगर तेलगी बाहुबली हो गया, पूत के पांव पालने की कहावत को सिद्ध करते हुए नगर तेलगी नगर में आते ही अपने दो नम्बरी काम को अंजाम देना प्रारंभ किया और धीरे धीरे स्टाम्प का काम करते हुए राजस्व में घुसा और बड़े ही आराम से अपने काम को दूरदर्शिता रखते हुए प्रारंभ किया।

जमीनों पर कब्जे से पहले उसके कागजो को गायब किया फिर धीरे धीरे दीमक की तरह बहुत से सरकारी जमीन को चाट गया। तभी एक ईमानदार अधिकारी आया जिसने नगर तेलगी के मंसूबो को बहुत हद तक नाकामयाब किया। अधिकारी के आने के बाद ही लोगों को उक्त नगर तेलगी के काले कारनामों का पता चला और फिर धीरे धीरे अवैध प्लाटिंग, अवैध कॉलोनियों की जानकारी भी लोगों को लगने लगी लेकिन तब तक नगर तेलगी बाहुबली बन गया था और नगर के अलावा न्यायधानी, राजधानी तक अपने पैर पसार चुका था, एक बात और नगर तेलगी में भी ईगो बहुत है, और यह ईगो सिर्फ इसलिए कि नगर तेलगी के पास अथाह संपत्ति जो आ गई है। वहीं राजस्व के बहुत से जमीनों के कागज भी जांजगीर, बिलासपुर से लेकर ग्वालियर तक के नगर तेलगी द्वारा हटा दिए गए। मामला अभी बहुत है अब अलग अलग मामले पर विस्तार से पाठकों तक परोसा जाएगा।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button